
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में रिसर्च की दुनिया तेजी से बदल रही है, और इसी बदलाव को समझने के लिए एक खास अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है—AI & Methods in Computational Communication (AIM-CC 2026)। यह यंग स्कॉलर कॉन्फ्रेंस और रिसर्च स्कूल 8 से 16 अगस्त 2026 तक Astana, कजाकिस्तान में आयोजित होगा।

इस कार्यक्रम का आयोजन Kazakhstan Sociology Lab और SCILA (Laboratory for Social and Cognitive Informatics) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें Nazarbayev University भी भागीदार है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 रखी गई है, जिससे इच्छुक उम्मीदवारों के पास अभी तैयारी का समय है।
आज के समय में Computational Social Science एक बड़े बदलाव से गुजर रही है। पहले जहां पारंपरिक डेटा विश्लेषण और सीमित ऑटोमेशन का उपयोग होता था, वहीं अब Large Language Models (LLMs), embedding techniques, generative AI और AI-assisted experiments जैसे आधुनिक टूल्स रिसर्च के तरीके बदल रहे हैं। AIM-CC 2026 का उद्देश्य इन नई तकनीकों को समझना और उन्हें रिसर्च में प्रभावी ढंग से लागू करना है।
यह कार्यक्रम खासतौर पर PhD स्कॉलर्स, पोस्टडॉक्टोरल रिसर्चर्स, एडवांस्ड मास्टर्स स्टूडेंट्स और शुरुआती करियर के शोधकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है। इसमें Computational Communication, Digital Sociology, Political Communication, Network Science और AI & Society जैसे क्षेत्रों के प्रतिभागियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस कॉन्फ्रेंस की सबसे खास बात है इसका “हैंड्स-ऑन” अप्रोच। प्रतिभागियों को न केवल नई रिसर्च मेथड्स सिखाई जाएंगी, बल्कि उन्हें अपने रिसर्च प्रोजेक्ट्स को प्रस्तुत करने का मौका भी मिलेगा। पोस्टर सेशन के दौरान विशेषज्ञों और मेंटर्स से सीधा फीडबैक मिलेगा, जिससे शोध को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
AIM-CC 2026 न सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस है, बल्कि यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां युवा शोधकर्ता AI और सामाजिक विज्ञान के संगम को समझ सकते हैं। यह कार्यक्रम आने वाले समय में रिसर्च की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अगर आप भी रिसर्च की दुनिया में आगे बढ़ना चाहते हैं और AI के साथ अपने काम को नई दिशा देना चाहते हैं, तो यह मौका आपके लिए बेहद खास हो सकता है।
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