
अगर आप शिक्षा जगत के दिग्गज हैं और प्रशासनिक शक्ति के साथ एक पूरी यूनिवर्सिटी की कमान संभालने का हुनर रखते हैं, तो उत्तर प्रदेश से आपके लिए एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली (U.P.) में ‘कुलपति’ (Vice-Chancellor) के सबसे शक्तिशाली पद के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन मांगे गए हैं। राज्यपाल सचिवालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी विज्ञापन संख्या ई-1652/2026 ने पूरे प्रदेश के शिक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है।
65 से कम उम्र है? तो आप भी संभाल सकते हैं यूनिवर्सिटी की कमान!
इस पद की सबसे रोमांचक बात यह है कि यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकारों का शिखर है। अधिसूचना के अनुसार, केवल वही उम्मीदवार इस पद के लिए पात्र होंगे जिन्होंने 65 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। चयनित होने वाले उम्मीदवार का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से 03 वर्ष की अवधि के लिए होगा, या फिर 68 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगा।

सत्यनिष्ठा और नैतिकता का मेल: कौन बनेगा नया ‘कुलपति?
राजभवन को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश है जो न केवल एक विख्यात शिक्षाविद हो, बल्कि जिसके पास ‘साउंड एडमिनिस्ट्रेटिव एक्यूमेन’ (ठोस प्रशासनिक समझ) भी हो। चूंकि कुलपति विश्वविद्यालय का प्रधान कार्यपालक और शैक्षणिक अधिकारी होता है, इसलिए उम्मीदवार में उच्च कोटि की क्षमता, सत्यनिष्ठा, नैतिकता और संस्थागत प्रतिबद्धता का होना अनिवार्य है।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि नोट कर लें (मिस न करें!)
अगर आप इन सभी कठिन मापदंडों पर खरे उतरते हैं, तो समय बहुत कम है। कुलपति पद के लिए इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन भेज सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से आधुनिक और पारदर्शी है:
- आवेदन का माध्यम: केवल ऑनलाइन (On Line)।
- आधिकारिक वेबसाइट: जन भवन की वेबसाइट http://www.upgovernor.gov.in पर जाएं।
- अंतिम तिथि: 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) तक।
याद रखें, निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। यह विज्ञापन 14 मार्च 2026 को ही जारी किया गया था।
क्या है इस पद की खास ‘शर्त’?

एक महत्वपूर्ण बात जो आपको जान लेनी चाहिए- नवनियुक्त कुलपति केवल तभी कार्यभार ग्रहण कर पाएंगे जब वर्तमान कुलपति का कार्यकाल पूर्ण हो जाएगा और पद रिक्त हो जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-12 के तहत गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर ही कुलाधिपति (माननीय राज्यपाल) अंतिम मुहर लगाएंगे।
तो अगर आपके पास वो विजन है जो बरेली की इस यूनिवर्सिटी को नई ऊंचाइयों पर ले जा सके, तो देर किस बात की? आज ही राजभवन की वेबसाइट चेक करें और इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनें!
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