
मीडिया इतिहास और आर्काइव स्टडीज़ के क्षेत्र में काम करने वाले शोधकर्ताओं के लिए एक खास अंतरराष्ट्रीय अवसर सामने आया है। “Papering Over the Audiovisual Archives” शीर्षक से एक इंटरनेशनल सिम्पोज़ियम का आयोजन 19-20 नवंबर 2026 को Netherlands Institute for Sound and Vision में किया जाएगा।
इस सिम्पोज़ियम का उद्देश्य यह समझना है कि पारंपरिक कागज़ी अभिलेख (paper archives) किस तरह ऑडियोविज़ुअल मीडिया के इतिहास को संरक्षित करने और समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डिजिटल युग में जहां सब कुछ ऑनलाइन होता जा रहा है, वहां यह आयोजन इस बात पर जोर देता है कि कागज़ी दस्तावेज़ आज भी शोध और इतिहास लेखन के लिए बेहद अहम हैं।

इस कार्यक्रम का आयोजन FIAT/IFTA Media Studies Commission और Entangled Media Histories के सहयोग से किया जा रहा है। इसमें मीडिया इतिहासकारों, आर्काइविस्ट्स, कलाकारों और मीडिया प्रोफेशनल्स को अपने शोध प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों ने ऐसे शोध पत्र आमंत्रित किए हैं जो यह दिखाते हों कि कागज़ी अभिलेख मीडिया इतिहास को समझने में कैसे मदद करते हैं। इसमें “archived paper” (ऐतिहासिक दस्तावेज़) और “archival paper” (कैटलॉग, इंडेक्स कार्ड, मैप आदि) दोनों को शामिल किया गया है।
संभावित विषयों में आर्काइव्स की राजनीति, डिजिटाइजेशन और संरक्षण की चुनौतियां, जेंडर और आर्काइव्स का संबंध, कागज़ी दस्तावेज़ों की भौतिकता, और डिजिटल युग में उनकी नई व्याख्याएं शामिल हैं। इसके अलावा, शोधकर्ता आर्काइव्स में मौजूद “खामोशियों” (silences) और उनके जरिए नए अर्थ निकालने पर भी काम कर सकते हैं।

इस सिम्पोज़ियम के लिए 250 शब्दों का एब्स्ट्रैक्ट 31 मई 2026 तक भेजना होगा। चयनित प्रतिभागियों को अपने शोध को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा, जिससे वे अपने काम को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकेंगे।
यह आयोजन न केवल मीडिया इतिहास के पारंपरिक दृष्टिकोण को चुनौती देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे पुराने कागज़ी रिकॉर्ड आज भी नई कहानियां और नए शोध के रास्ते खोल सकते हैं।
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