
प्रयागराज:
डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (RPNLU), प्रयागराज ने असिस्टेंट प्रोफेसर (लॉ) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। विश्वविद्यालय द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार कुल 12 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
विभिन्न श्रेणियों में भरे जाएंगे पद
जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 12 पदों को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें सामान्य वर्ग के लिए 5 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के लिए 4 पद, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 2 पद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 1 पद निर्धारित किया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन पदों के माध्यम से विधि शिक्षा के क्षेत्र में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति कर शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

वेतनमान और अन्य सुविधाएं
असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा। विज्ञापन के अनुसार इस पद के लिए वेतनमान 15,600 से 39,000 रुपये (लेवल-10) निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 6000 रुपये का अकादमिक ग्रेड पे भी प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा चयनित अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी।
आवेदन की प्रक्रिया
इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। भरे हुए आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज और आवेदन शुल्क का प्रमाण ई-मेल के माध्यम से भेजना होगा।
उम्मीदवारों को आवेदन भेजते समय सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
आवेदन की अंतिम तिथि
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार ऑनलाइन आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इसके अलावा भरे हुए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी 16 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक विश्वविद्यालय के पते पर पहुंचनी अनिवार्य है।
हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, एडमिन ब्लॉक, डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गद्दोपुर, फाफामऊ, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – 211013 के पते पर भेजी जानी है।

विधि शिक्षा को मिलेगा नया बल
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन नियुक्तियों से विधि शिक्षा और शोध गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। नए शिक्षकों के जुड़ने से छात्रों को बेहतर अकादमिक मार्गदर्शन और शोध के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि देश में बढ़ती कानूनी शिक्षा की मांग को देखते हुए इस प्रकार की भर्तियां उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


