
*प्रयागराज। राष्ट्रीय सेवा योजना, ईश्वर शरण महाविद्यालय की इकाई संख्या 044, 045, 047, 048 एवं 050 द्वारा आयोजित सात दिवसीय (10 – 16 मार्च 2026) विशेष शिविर के समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजाराम यादव, पूर्व कुलपति, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की गरिमामय उपस्थिति रही। उन्होंने शिविर के स्वयंसेवक, स्वयं सेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रों को जिम्मेदार, कुशल और सामाजिक रूप से जागरूक व्यक्तियों के रूप में विकसित करता है जिसके कारण आप सामाजिक सरोकार, प्रतिबद्धता, अपने समुदाय और राष्ट्र के विकास में योगदान कर सकते हैं। इससे समाज की और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है। राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रों में छुपी प्रतिभाओं को बाहर निकाल कर चमकने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न अनुभवों को भी छात्रों के साथ साझा किया और अपने प्रेरणादायक वचनों से छात्रों में उत्साह का संचार किया।महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डॉ अरविंद कुमार मिश्र ने कार्यक्रम में अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया। उन्होंने सात दिवसीय विशेष शिविर में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना में शामिल होने से आप में नेतृत्व, टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे व्यक्तिगत और सामुदायिक कौशल विकसित होते हैं जो जीवन की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने में सहायक होते हैं।
सभी स्वयंसेवकों ने टीमवर्क के साथ सामाजिक सेवाओं के विविध पहलुओं व जागरूकता, स्वच्छता, सफाई अभियान, नारी सशक्तिकरण, जल नियंत्रण आदि पर जागरूकता एवं बौद्धिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से अनेक कार्यों का संपादन किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ रुचि गुप्ता ने सात दिवसीय विशेष शिविर की रिपोर्ट प्रस्तुत की। समापन समारोह के अंतर्गत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें अनेक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में दो नुक्कड़ नाटक जिनके विषय ‘बाल विवाह’ तथा ‘सपनों का बोझ’ प्रस्तुत किए गए।
नाटक के माध्यम से छात्रों ने “पढ़ने लिखने की उम्र है, बाल विवाह जुर्म है” “नई शुरुआत करें, बाल विवाह का नाश करें” जैसे नारों से बाल विवाह और बच्चों पर पढ़ने वाले माता-पिता और सामाजिक दबाव जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रहार किया। अन्य कार्यक्रमों में डांस, कविता, स्पीच, नाटक, गीत, ग्रुप डांस, सोलो डांस, सामूहिक गान, संवाद आदि का उत्साहवर्धक व मनमोहक प्रस्तुतीकरण किया गया। साथ ही विभिन्न छात्रों ने सात दिन के राष्ट्रीय सेवा योजना में अपने अनुभवों को साझा किया। सबरीन सिद्दीकी, रिद्धिमा, रिया, साक्षी, करीना, आदित्य, अस्मिता आरुषि, मुस्कान, यश,साक्षी,शशांक, प्रियांशु, आदर्श, आदि ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन सत्र के पूर्व आज विशेष शिविर के प्रथम सत्र का प्रारंभ राजेंद्र छात्रावास परिसर की साफ सफाई, डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्राणायाम एवं योग के साथ हुआ। इसके साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के लक्ष्य गीत “उठें समाज के लिए उठें” तथा “हम होंगे कामयाब” गीत के साथ दिन की शुरुआत की गई। इस सत्र में छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अभ्यास भी किया गया।
स्वयंसेवक व स्वयंसेविकाओं ने सात दिवसीय विशेष शिविर 2026 की थीम “मेरे भारत के लिए युवा, डिजिटल साक्षरता के लिए युवा” पर पोस्टर बनाकर जागरूकता का संदेश प्रेषित किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर कृष्णा सिंह ने व धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर शैलेश यादव ने किया। डॉ गायत्री सिंह ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दिशा निर्देशन किया। जलपान वितरण के बाद राष्ट्रगान से सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन हुआ।


