
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के हजारों कच्चे कर्मचारियों को एक ऐसी सौगात दी है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और खुशहाली की नई लहर आ गई है। लंबे समय से अपनी नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंतित संविदात्मक (Contractual) कर्मचारियों के लिए ‘हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024’ एक सुरक्षा कवच बनकर सामने आया है,।
अब 58 साल तक नौकरी पक्की इस ऐतिहासिक कानून के तहत, पात्र कच्चे कर्मचारी अब अपनी अधिवर्षिता आयु (Superannuation age) यानी 58 वर्ष की आयु तक लगातार सेवा में बने रहेंगे,। इसका मतलब यह है कि अब उन्हें विभाग से अचानक हटाए जाने का डर नहीं सताएगा। यह अधिनियम 14 अगस्त, 2024 से प्रभावी माना गया है,।

किन्हें मिलेगा इस योजना का लाभ? सरकार ने पात्रता के लिए कुछ शर्तें तय की हैं:
- कर्मचारी ने ‘नियत तिथि’ (15 अगस्त, 2024) तक कम से कम 5 साल की सेवा पूरी कर ली हो,।
- कर्मचारी का मासिक वेतन 50,000 रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए,।
- कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) या किसी सरकारी संस्थान के माध्यम से सीधे अनुबंधित होना चाहिए,।
- सेवा की गणना के लिए एक वर्ष में कम से कम 240 दिन काम करना अनिवार्य है,।
सैलरी और भत्तों में जबरदस्त बढ़ोतरी इस कानून का सबसे बड़ा आकर्षण वेतन वृद्धि है। पात्र कर्मचारियों को उनके पद के समान नियमित पद के न्यूनतम वेतन स्तर के बराबर पारिश्रमिक मिलेगा,। इसके अलावा, अनुभव के आधार पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि का भी प्रावधान है:
- 10 वर्ष से अधिक सेवा: वेतन स्तर के प्रारंभिक वेतन का 15% अतिरिक्त,।
- 8 से 10 वर्ष की सेवा: 10% अतिरिक्त,।
- 5 से 8 वर्ष की सेवा: 5% अतिरिक्त,।

इतना ही नहीं, कर्मचारियों को साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) महंगाई भत्ता (DA) भी मिलेगा और हर साल वेतन में बढ़ोतरी (Increment) भी दी जाएगी,।
स्वास्थ्य और अन्य लाभों की बौछार वेतन के अलावा, सरकार ने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा भी प्रदान की है:
- PM-JAY चिरायु योजना: कर्मचारियों को स्वास्थ्य लाभ और मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी,।
- ग्रेच्युटी और मातृत्व लाभ: रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी और महिला कर्मचारियों को मातृत्व लाभ भी दिया जाएगा,।
- अनुग्रह राशि (Ex-gratia): दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में परिवार को आर्थिक सहायता या अनुकंपा नियुक्ति का भी लाभ मिल सकता है,।
2025 का नया संशोधन: कर्मचारियों की एक और जीत हाल ही में 31 जनवरी, 2025 को सरकार ने एक अध्यादेश (Ordinance) जारी कर इस कानून में एक महत्वपूर्ण सुधार किया है,। पहले सेवा की गणना ‘कैलेंडर वर्ष’ के आधार पर होती थी, जिसे अब बदलकर ‘संविदात्मक सेवा का एक वर्ष’ कर दिया गया है,। इस छोटे से बदलाव से उन हजारों कर्मचारियों को लाभ होगा जिनका सेवा काल कैलेंडर वर्ष के बीच में शुरू हुआ था, जिससे उनकी 5 साल की पात्रता पूरी करने में आ रही अड़चनें दूर हो गई हैं。
हरियाणा सरकार का यह कदम कच्चे कर्मचारियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो अब सम्मान और सुरक्षा के साथ अपनी सेवाएं दे सकेंगे।
The Knowledge Post के व्हाट्स एप चैनल को फॉलो करने के लिए यहाँ क्लिक करें।



